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हाइड्रोपोनिक विधि से खेती करने से गिरेंगे टमाटर के दाम

अक्सर लोगो के किचन का बजट बिगाड़ने के लिए मसहूर टमाटर का अब पंतनगर के कृषि वैज्ञानिको ने तोड़ निकाल लिया है लम्बे शोध के बाद किसानों को इस विधि से रूबरू कराने के लिए ट्रेनिग का आयोजन किया जा रहा है ताकि टमाटर की तीन फसलो को उगा कर टमाटर के दामो में आने वाले उछाल को रोका जा सके क्या है।

  • प्याज और टमाटर दो ऐसी खाद्यय सब्जियां है जो खाने के स्वाद को बदल देते है ऐसे में बाजारों में टमाटर के दामो में आये अचानक उछाल से टमाटर लोगो के किचन से दूर हो जाता है साथ ही लोगो के घरों का बजट को भी बिगाड़ देता है,
    -बाजार में ऊँचे दामो में बिकने वाले टमाटर का तोड़ अब कृषि वैज्ञानिको ने निकाल लिया है लम्बे वक्त से शोध करने के बाद वैज्ञानिको ने पॉलीहाउस में हाइड्रोपोनिक विधि से टमाटर की फसल उगा कर टमाटर की खेती में चार चाँद लगाये है
  • इस विधि से किसान टमाटर की दो से तीन फसल उगा कर बाजारों में ऊंचे होते दामो को रोकने में कारगर साबित हो सकता है, वैज्ञानिको की माने तो अब तक किसान टमाटर की एक फसल ले पाता था लेकिन हाइड्रोपोनिक विधि से किसान पोली हाउस में दो से तीन फसलो को आराम से उगा सकता है
    -इस विधि में बिना मिट्टी के, पानी और ईंट की मदद से इसे उगाया गया है साथ ही सामान्य फसल से दोगुनी फसल लगभग 15 से 20 किलो तक एक पेड़ से प्राप्त की जा सकती है,
  • हैड्रोपोनिनिक फसल में रासायनिक दवाओ का प्रयोग ना के बराबर किया जाता है वैज्ञानिको की माने तो वर्षा आधारित क्षेत्रो खास कर पहाडी क्षेत्रो में इस विधि से किसान टमाटर या अन्य फसलों का उत्पादन कर अपनी आय को दूगना कर सकता है, वैज्ञानिको की माने तो पहाड़ी क्षेत्रों में किसानों के लिए ये टेक्नोलॉजी वरदान साबित हो सकती है इस के प्रयोग से पहाड़ी जिलो में किसानों की आय तो बढ़ेगी ही साथ ही युवाओ को इस विधि से फसल उगाने की ट्रेनिग से पलायन को रोका जा सकता है।

  • शोध के दौरान देखा गया है की हाइड्रोपोनिक विधि से उगाई गयी फसल में सामान्य खेती से दो गुना अधिक उत्पादन हो रहा है इसके साथ साथ टमाटर के पौधे की ग्रोथ 10 फिट से अधिक पाई गई है यही नही पेड़ की जड़ो से लेकर पौधे के उचाई वाले हिस्सो में टमाटरों का लगना जारी है, उन्होंने बताया कि इस विधि को उत्तराखंड के कई जिलों में प्रयोग कर टमाटर की फसल को उगा कर प्रयोग किया जा चुका है अब वैज्ञानिको की टीम इस विधि को किसानों को देने जा रही है जिसके लिए मार्च या अप्रैल महीने में किसानों को दो दिवसीय ट्रेनिक दी जाएगी जिसके बाद किसान अपने अपने क्षेत्रों में जा कर इस विधि से खेती कर फसल उगा सकते है

दीपक कुकरेजा ऊधम सिंह नगर

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